स्नातं तेन सर्व तीर्थम् दातं तेन सर्व दानम् कृतो तेन सर्व यज्ञो.....उसने सर्व तीर्थों में स्नान कर लिया, उसने सर्व दान दे दिये, उसने सब यज्ञ कर लिये जिसने एक क्षण भी अपने मन को आत्म-विचार में, ब्रह्मविचार में स्थिर किया।
Do Japa of any God's Name, 1st 4 minutes in lips, then 2 minutes in throat, then 2 minutes in heart, then do nothing for 2 minutes, be silent. If done 3-4 times daily this 10 minutes course, one will fly in spiritual journey. -Pujya Bapuji

सूली पर भी चढ़ा दो, तब भी संत तो संत है और सारी दुनिया माने, तभी भी संत, संत है।


आपणा बापू आऽऽऽश्...
लेकिन कोई आने से अपड़े बापू नहीं। सब लोग खिलाफ हो जाएं और जूतों के हार पहनाएं, तब भी भी अपने बापू तो अपने ही होते हैं बाबा, ऐसा अगर समझ में आ जाए तब...
जरूरी नहीं कि लोग वाह-वाह करें, प्रशंसा करें अथवा राजद्वारी, ऊंची लेवल के लोग मानें, तभी कोई महात्मा-महात्मा है। ना, ना।
राजकारणी लोग मानते हैं, इसलिए कोई बड़ा है, ऐसा मत कहना। जय, जय।
संत की तो अपनी भीतर की संतत्व की स्थिति होती है, उसे सूली पर भी चढ़ा दो, तब भी संत तो संत है और सारी दुनिया माने, तभी भी संत, संत है, अगर वो संत है तो।
नहीं तो कभी तो कोई प्रशंसा करेगा और जो लोग प्रशंसा करते हैं, वो कब निंदा कर लें, कोई पता नहीं।

जो बोलते हैं, (એમ તો બસ તમારી સાથે ખભો મેળવીશું તમારી સાથે જ, તમારી સાથે જ,આખી પબ્લિક તમારી સાથે જ... એ લોકોજ પાછા ચોકઠાં ઉંધા કરીને બીજા ને બેસાડી દીધા હોય, એવું જ હોય પાછું) हम तो बस तुम्हारे साथ कन्धा मिलाएंगे, तुम्हारे साथ है, तुम्हारे साथ है, सारी पब्लिक तुम्हारे साथ है... वो लोग ही फिर मुंह पलटाके दूसरे को बिठा देते हैं... ऐसा ही होता है फिर...

बहुत लोगों की वाहवाही पे भरोसा करके जो जीता है न! वो तो मृगेश हो जाता है, मृग बन जाता है। जय, जय। मृगलो बापड़ों पांजरा मां...

बहुत लोगों का सहारा, सत्ता वालों का सहारा, किसी का सहारा... बाहर का सहारा अगर तुमने पकड़ा, तो आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों, इतनी जल्दी क्या है, बहुत पड़े हैं बरसों... कभी ना कभी आपको पछताना पड़ेगा।