स्नातं तेन सर्व तीर्थम् दातं तेन सर्व दानम् कृतो तेन सर्व यज्ञो.....उसने सर्व तीर्थों में स्नान कर लिया, उसने सर्व दान दे दिये, उसने सब यज्ञ कर लिये जिसने एक क्षण भी अपने मन को आत्म-विचार में, ब्रह्मविचार में स्थिर किया।
Do Japa of any God's Name, 1st 4 minutes in lips, then 2 minutes in throat, then 2 minutes in heart, then do nothing for 2 minutes, be silent. If done 3-4 times daily this 10 minutes course, one will fly in spiritual journey. -Pujya Bapuji

संग की बलिहारी है

 संग की बड़ी बलिहारी है । संग की बड़ी महिमा है। संग तार देता है और कुसंग डूबा देता है। इसीलिए संग करने के पहले जरा सोचना चाहिए कि आपके रास्ते का संग कर रहे हो कि आपसे गिरते हुए व्यक्तियों का संग कर रहे हो। गिरते हुए व्यक्ति आपके संपर्क में आए तो हरकत नहीं लेकिन आप उनके संग से रंगे नहीं जाना। गुरुदेव बार-बार कहा करते थे- "गुलाब के फूल बनना।" 
गुलाब का फूल कंदोई की दुकान पर रखो, खांड वाले के दुकान पर रखो, गुड़ वाले की दुकान पर रखो, कपड़े वाले के दुकान पर रखो, अरे निदान घी वाले की दुकान पर रखो, सब जगह से घुमाकर आओ, फिर सूंघोगे तो किसी का रंग उस पर चढ़ेगा नहीं, किसी की बू उस पर आयेगी नहीं, गुलाब अपनी खुशबू देगा। ऐसे ही साधक अपने ईश्वर की तरफ के रंग से और रंगो को चढ़ने ना दे। 
"तू गुलाब होकर महक तुझे जमाना जाने"।
 जैसे गुलाब निर्लिप्त रहता है, ऐसा तू निर्लिप्त होकर महक तो तुझे जमाना जाने!  -ऐसा महापुरुषों का कहना है।