Gurukripa hi Kevlam ! : Followers of Param Pujya Sant Shri Asaram Ji Bapu

संग की बलिहारी है

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 संग की बड़ी बलिहारी है । संग की बड़ी महिमा है। संग तार देता है और कुसंग डूबा देता है। इसीलिए संग करने के पहले जरा सोचना चाहिए क...

जन समुदाय में प्रीति है तो ज्ञान में रूचि कैसे होगी ?

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मयि चानन्ययोगेन भक्तिरव्यभिचारिणी ।विवक्तदेशसेवित्वरतिर्जनसंसदि ।। “मुझ परमेश्वर में अनन्य योग के द्वारा अव्यभिचारिणी भक्ति तथा एकान्त और शु...

जिस माला से परमात्मा के साथ संबंध जोड़ा जाता है उस माला का मूल्य हम लोग नहीं जानते। जानिए कैसे ला सकते हैं अपनी माला में दिव्यता - बता रहे हैं पूज्य बापूजी

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https://youtu.be/V7ah2asLJHU शास्त्रों के अनुसार जपमाला जाग्रत होती है, यानी वह जड़ नहीं, चेतन होती है । माना जाता है कि देव शक्तियों के ध्य...

जब राम तीर्थ ने किया रिजाइन ! ईश्वर साक्षात्कार था कारण

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https://youtu.be/49FzyvcX8RI           मन के मौन से मानसिक शक्तियों का विकास होता है। बुद्धि के मौन से, बुद्धि के मौन से आत्मशक्ति का विकास ...

अगर चाहते हैं अपने परिजनों का कल्याण तो कभी न करें रूदन किसी की मृत्यु पर ।

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अगर चाहते हैं अपने परिजनों का कल्याण तो कभी न करें रूदन किसी की मृत्यु पर ! कीर्तन करें ।  जिनकी आयुष्य पूरी हो रही है और शरीर शांत हो गया ह...

धर्म अर्थ काम और मोक्ष की सहज प्राप्ति का पर्व : मकर संक्रांति

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पूज्य बापूजी के सत्संग से  https://youtu.be/HbLZ78BuGAQ महामना भीष्म पितामह बाणों की पीड़ा सहते हुए भी, प्राण न त्यागा । संकल्प करके और पीड़...

लक्ष्य ये बनायें फिर सफलता के पीछे आप नहीं सफलता आपके पीछे भागेगी

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ओ..........म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म...... ॐ शांति।  जीभ दांत के मूल में, श्वास अंदर जाता है देखो, बाहर आता है गिनो, कितना भी चंचल मन होगा शांत...

इतिहास गवाह है, हर सच्चे संत की निंदा हुई है

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कबीरा निंदक ना मिलो  पापी मिलो हजार  एक निंदक के माथे पर  लाख पापीन को भार  भगवान वशिष्ठ जी कहते है राम जी मैं बाजार से गुजरता हूं तो मूर्ख ...

'तुलसी दल के सिवा मेरा कोई दल नहीं'

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        एक बार माघ मेले के अवसर पर मदनमोहन मालवीयजी 'सनातन धर्म महासभा' के सम्मेलन में भाषण दे रहे थे । विरोधी दल के कुछ लोग वहाँ आय...

अमृतबिंदु – पूज्य बापूजी

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         जो वर्तमान में ही इच्छाओं-वासनाओं को छोड़ देते हैं, उनके हृदय में उसी समय परमात्म-प्रेम, परमात्म-रस छलकने लगता है । ऋषि प्रसाद नवंब...
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