Gurukripa hi Kevlam ! : Followers of Param Pujya Sant Shri Asaram Ji Bapu

किसको बोलते हैं संसार का संग?

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ध्यान लगाना अच्छा है लेकिन विकारों से बचना उससे और अच्छा है। और विक्षेप रहित स्थिति में टिके रहना वह सर्वोपरि है। आकर्षण के समय आकर्षण रहित ...

सूली पर भी चढ़ा दो, तब भी संत तो संत है और सारी दुनिया माने, तभी भी संत, संत है।

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आपणा बापू आऽऽऽश्... लेकिन कोई आने से अपड़े बापू नहीं। सब लोग खिलाफ हो जाएं और जूतों के हार पहनाएं, तब भी भी अपने बापू तो अपने ही ...

जिसका विवेक प्रखर है वो निरावरण बन जाएगा!

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दो प्रकार के लोग होते हैं, एक होते हैं सावरण, दूसरे होते हैं निरावरण। सावरण वे होते हैं जिनको अपने आत्म विषय का प्रकाश, ज्ञान, स...

बापू तो बापू ही है। ये आँधी अभी नहीं आई ऐसी कई बार आई है।

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  गांधीजी का आश्रम और अपना आश्रम उसी लाइन में लगता है।  तो हम ऐसे तो कई भक्तों के लिए, तो उनसे मिलने के लिए अथवा कईयों को सत्संग देने के लिए...

संग की बलिहारी है

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 संग की बड़ी बलिहारी है । संग की बड़ी महिमा है। संग तार देता है और कुसंग डूबा देता है। इसीलिए संग करने के पहले जरा सोचना चाहिए क...

जन समुदाय में प्रीति है तो ज्ञान में रूचि कैसे होगी ?

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मयि चानन्ययोगेन भक्तिरव्यभिचारिणी ।विवक्तदेशसेवित्वरतिर्जनसंसदि ।। “मुझ परमेश्वर में अनन्य योग के द्वारा अव्यभिचारिणी भक्ति तथा एकान्त और शु...

जिस माला से परमात्मा के साथ संबंध जोड़ा जाता है उस माला का मूल्य हम लोग नहीं जानते। जानिए कैसे ला सकते हैं अपनी माला में दिव्यता - बता रहे हैं पूज्य बापूजी

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https://youtu.be/V7ah2asLJHU शास्त्रों के अनुसार जपमाला जाग्रत होती है, यानी वह जड़ नहीं, चेतन होती है । माना जाता है कि देव शक्तियों के ध्य...

जब राम तीर्थ ने किया रिजाइन ! ईश्वर साक्षात्कार था कारण

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https://youtu.be/49FzyvcX8RI           मन के मौन से मानसिक शक्तियों का विकास होता है। बुद्धि के मौन से, बुद्धि के मौन से आत्मशक्ति का विकास ...

अगर चाहते हैं अपने परिजनों का कल्याण तो कभी न करें रूदन किसी की मृत्यु पर ।

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अगर चाहते हैं अपने परिजनों का कल्याण तो कभी न करें रूदन किसी की मृत्यु पर ! कीर्तन करें ।  जिनकी आयुष्य पूरी हो रही है और शरीर शांत हो गया ह...

धर्म अर्थ काम और मोक्ष की सहज प्राप्ति का पर्व : मकर संक्रांति

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पूज्य बापूजी के सत्संग से  https://youtu.be/HbLZ78BuGAQ महामना भीष्म पितामह बाणों की पीड़ा सहते हुए भी, प्राण न त्यागा । संकल्प करके और पीड़...
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