Gurukripa hi Kevlam ! : Followers of Param Pujya Sant Shri Asaram Ji Bapu

गणेश चतुर्थी 19 सितंबर 2012 Ganesh Chaturthi

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भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मंगलमय अपरान्ह में भगवान श्री गणेश का जन्म हुआ था । इस दिन जितना हो सके 'ॐ गं गणपतये नमः' मं...

ऐसी निष्ठा कि मंत्र हुआ साकार.....

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सन् 1501 में विजय नगर राज्य के बाड़ ग्राम(वर्तमान में कर्नाटक के हवेरी जिले का एक गाँव) में जागीरदार वीरप्पा व उनकी पत्नी बच्चम्मा के ...

वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि और उसका महत्व

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प्रतिवर्ष श्रावणी-पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्यौहार होता है , इस दिन बहनें अपने भाई को रक्षा-सूत्र बांधती हैं । यह रक्षा सूत्र यदि...

कैसा करूणावान हृदय......

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पूज्य बापू जी पावन अमृतवाणी ब्रह्मा जी के मानस पुत्र ऋभु मुनि जन्मजात ज्ञातज्ञेय थे, फिर भी वैदिक मर्यादा का पालन करने के लिए अपने ब...

बारह प्रकार के गुरु

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पूज्य बापू जी की अमृतवाणी ʹनामचिंतामणिʹ ग्रन्थ में गुरुओं के बारह प्रकार बताये हैं। एक होते हैं धातुवादी गुरु । ʹबच्चा! मंत्र ल...

गुरू आज्ञा सम पथ्य नहीं......

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(पूज्य बापूजी के सत्संग प्रवचन से) उज्जयिनी (वर्तमान में उज्जैन) के राजा भर्तृहरि से पास 360 पाकशास्त्री थे भोजन बनाने के लिए। वर्ष...
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