बीजमंत्र से भागे सब रोग ! स्वस्थ रहे दुनिया के लोग !!
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भारतीय संस्कृति ने आध्यात्मिक विकास के साथ शारीरिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया है। आजकल सुविधाओं से संपन्न मनुष्य कई प्रकार ...
बिना विवेक और वैराग्य के तुम्हें ब्रह्माजी का उपदेश भी काम न आयेगा !
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जो मौत की यात्रा के साक्षी बन जाते हैं उनके लिये यात्रा यात्रा रह जाती है , साक्षी उससे परे हो जाता है । मौत के बाद अप...
रामायण का तात्विक अर्थ
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पाप का फल ही दुख नहीं है । पुण्यमिश्रित फल भी विघ्न है । ऐसा कौन सा इंसान है जिसको संसार में विघ्न नहीं है। तो भगवान महा पापी ह...
संयम की शक्ति : पांच सौ अप्सरा और आयुष्मान नन्द ....
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बुद्ध के मौसेरे भाई आयुष्यमान नंद ने बुद्ध से संन्यास दीक्षा ग्रहण करने के बाद प्रव्रज्या लेने की ठान ली। जब वह घर छोड़कर जाने लगा तो अपन...
अभी भी पंढरपुर में पुण्डलिक की दी हुई ईंट पर भगवान विष्णु खड़े हैं
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शास्त्रों में आता है कि जिसने माता-पिता तथा गुरू का आदर कर लिया उसके द्वारा संपूर्ण लोकों का आदर हो गया और जिसने इनका अनादर कर दिया उसके ...
नूतन वर्ष का नूतन सन्देश : 4 अप्रेल : गुडी पड़वा
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ॐ मधुमन्मे निक्रमणं मधुमन्मे परायणम्। वाचा वदामि मधुमद् भूयासं मधुसंदृशः।। ' हे मधुमय प्रभो ! आपकी प्रेरणा से सामने उपस्थित योग...
ब्राह्मी स्थिति क्या है ?
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आपकी श्रद्धा जिस इष्टदेव में हो, भगवान में हो, देवी-देवता में हो या सदगुरुदेव में हो, जिसे आप खूब स्नेह करते हो, आदर करते हो, पूजन करते हो...
और इटावा का डिप्टी कलेक्टर खटखटा बाबा बन गया !
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ब्रिटिश शासन के जमाने की बात है। इटावा में सप्रू साहब डिप्टी कलेक्टर थे। उनका चाकर था मनहर नायी। एक रात भोजन करके सप्रू साहब पलंग पर आरा...
सत्संग से एक सामान्य कीड़ा महान् मैत्रेय ऋषि बन गया !
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तुलसीदास जी महाराज कहते हैं – एक घड़ी आधी घड़ी आधी में पुनि आध। तुलसी संगत साध की हरे कोटि अपराध।। एक बार शुकदेव जी के पिता भगवान वेद...
हम तो खाली तीसरी पढ़े हैं - "ज्यों केले की पात पात में पात. त्यों संतन की बात बात में बात "
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( श्री सुरेशानंदजी की अमृतवाणी ) पुराने सत्संगी जो हमेशा आते रहते है शिविरों में, उनको पता है कि बापूजी कई बार बोलते रहते...
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