Gurukripa hi Kevlam ! : Followers of Param Pujya Sant Shri Asaram Ji Bapu

साधक के हृदय में भी आत्मज्ञान के फूल खिलें

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जिन्ह हरि कथा सुनी नहीं काना। श्रवण रंध्र अहि भवन समाना।। जे न करहिं रामगुन गाना। जीह सो दादुर जीह समाना।।   जिनक...

असली सुख !

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जीव का भ्रम है किः "यह मिल जाय तब मैं सुखी होऊँगा। यह परिस्थिति चली जाय तब मैं सुखी होऊँगा। बेटा हो जाय तब सुखी होऊँगा।'...

अगर भगवान से मिलना हो तो

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यदि मनुष्य विद्या, संपत्ति, त्याग, वैराग्य आदि किसी बात को लेकर अपनी विशेषता मानता है तो यह उन विद्या आदि की पराधीनता, दासता ही है। जैसे,...

शरीर, मन, इन्द्रियों का कितना भी लालन-पालन करो, आखिर तो छूटना ही है !

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                    वर्षा की ऋतु में बादलों के कारण सूरज नहीं दिखता है। सूरज को बुलाना भी नहीं है, प्रकट भी नहीं करना है। केवल हवाएँ चलें...

आत्मज्ञानी आपके अहंकार को पोषण नहीं देंगे !

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परमात्मा हृदय में ही विराजमान है। लेकिन अहंकार बर्फ की सतह की तरह आवरण बनकर खड़ा है। इस आवरण का भंग होते ही पता चलता है कि मैं और परमात...

श्री गुरु स्तोत्रम्

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श्री महादेव्युवाच गुरुर्मन्त्रस्य देवस्य धर्मस्य तस्य एव वा विशेषस्तु महादेव ! तद् वदस्व दयानिधे श्री महादेवी (पार्वती) न...

प्रिय लागहु मोहि बापू आसाराम

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ब्रह्म गिआनी का कथिआ न जाइ अधयाख्यरु। ब्रह्म गिआनी सरब का ठाकुरु॥ संत में एक भी सदगुण दिखे तो लाभ ले लें। उनमें दोष देखना और सुनना...

गुरुदेव परमात्म-स्वरूप हैं

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इस संसार में यदि कुछ दुर्लभ हो तो वह है जीव को मानवदेह की प्राप्ति होना। मानवदेह मिल जाये तो मोक्ष की इच्छा होना दुर्लभ है। मोक्ष की ...

Upcoming Satsangs - Punam Darshan Program

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भीतर की यात्रा

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आत्मा परमात्मा विषयक ज्ञान प्राप्त करके नित्य आत्मा की भावना करें। अपने शाश्वत स्वरूप की भावना करें। अपने अन्तर्यामी परमात्मा में आ...
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