Gurukripa hi Kevlam ! : Followers of Param Pujya Sant Shri Asaram Ji Bapu

......... तो तुम आशाराम बन जाओगे !!!

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जो लोग निगुरे हैं, जिन लोगों के चित्त में वासना है उन लोगों को अकेलापन खटकता है। जिनके चित्त में राग, द्वेष और मोह की जगह पर सत्य की प्यास ह...

सदगुरु के अनुभव का ध्यान-प्रसाद

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सदगुरू सत्पात्र शिष्य को अपना हृदय खोलकर आत्मिक अनुभूति का प्रसाद दे रहे हैं- मैं चिदघन चैतन्य.... सबके दिल की धड़कनों को सत्ता देने वाला शा...

गुरू के हृदय को ठेस पहुंचाने का परिणाम

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लीलाराम नाम का एक व्यक्ति कहीं मुनीमी करता था (हमारे सदगुरूदेव की यह बात नहीं है।) वह कहीं फँस गया। पैसे के लेन देन में कुछ हेराफेरी के बारे...

पद्मिनी एकादशी

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अर्जुन ने कहा: हे भगवन् ! अब आप अधिक (लौंद/ मल/ पुरुषोत्तम) मास की शुक्लपक्ष की एकादशी के विषय में बतायें , उसका नाम क्या है तथा व्रत की विध...

साढ़े चार वर्ष की बालिका युवती बनी

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गुजरात राज्य में राजकोट जिले की गोंडल तहसील में एक आश्चर्यजनक घटना सामने आयी है। यहाँ एक बालिका का जन्म हुआ। जब वह तीन वर्ष की हुई तो उसे मा...

निष्काम कर्म करो लेकिन कर्म निष्प्रयोजन तो नहीं होना चाहिए

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एक आदमी नदी पर जाकर लाठी से पानी को कूटने लगा। कोई महात्मा वहाँ से गुजरे। उन्होंने पूछाः "महाराज ! मैं निष्काम कर्म कर रहा हूँ। इसमें...

आत्मचिंतन की महिमा

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एक राजा था। रनवास में बहुत सुविधाएँ रखी थीं। ऐसी ऐसी रानियाँ थीं कि राजा को रनवास से बाहर ही न आने देतीं थीं। इत्र आदि चीजें ऐसी होती हैं कि...

मैं साधु कैसे बना ?

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पाकिस्तान के सख्खर में साधुबेला आश्रम था। रमेशचन्द्र नाम के आदमी को उस समय के संत महात्मा ने अपनी जीवन कथा सुनाई थी और कहा था कि मेरी यह कथा...

धन, यश और भोग इतने भी आवश्यक नहीं......

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यश, धन और भोग ये तीन प्रकार से प्राप्त होते हैं। किसी आदमी को कब धन मिल जाए वह नहीं जानता, कब यश मिल जाय वह नहीं जानता, यश कब अपयश में बदल ज...

'आज रोकड़ा.... काले उधार।'

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हम शांत सुखस्वरूप आत्मा हैं। तूफान से सरोवर में लहरें उठ रही थीं। तूफान शान्त हो गया। सरोवर निस्तरंग हो गया। अब जल अपने स्वभाव में शान्त स्थ...
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